राजधानी चौपाल, चंडीगढ़।
Haryana news : ईंधन संरक्षण, सरकारी खर्चों में कटौती और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर हरियाणा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE) में वाहनों के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की है।
सरकार की इस कार्रवाई के तहत दोनों विभागों से कुल 17 सरकारी गाड़ियों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें लग्जरी और अतिरिक्त उपयोग में लाई जा रही कई गाड़ियां शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इस फैसले से हर महीने लाखों रुपये के ईंधन और रखरखाव खर्च की बचत होगी, साथ ही कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
Haryana news : मंत्री ने खुद पेश की मिसाल, हटाई पायलट गाड़ी
इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी खास बात यह रही कि कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने खुद अपने काफिले को छोटा करने का फैसला लिया। उन्होंने अपनी सुरक्षा पायलट गाड़ी को हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को पहले खुद उदाहरण पेश करना होगा। अब मंत्री सामान्य सरकारी प्रोटोकॉल के तहत बिना पायलट वाहन के यात्रा करेंगे। इसे सरकार की “कम खर्च, ज्यादा जवाबदेही” नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
Haryana news : PWD और PHE विभाग में वाहन व्यवस्था की होगी डिजिटल मॉनिटरिंग
समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि सरकारी वाहनों का उपयोग अब पूरी तरह निगरानी के दायरे में रहेगा। सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में अन्य विभागों में भी सरकारी वाहनों की समीक्षा की जा सकती है। सरकार ने आदेश दिए हैं कि
- सभी वाहनों की डिजिटल लॉगबुक तैयार की जाए
- डीजल-पेट्रोल खर्च की नियमित मॉनिटरिंग हो
- एक ही रूट पर अलग-अलग गाड़ियों के उपयोग पर रोक लगे
- फील्ड विजिट के लिए कार पूलिंग सिस्टम लागू किया जाए
Haryana news : वर्चुअल मीटिंग को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि छोटी बैठकों और सामान्य प्रशासनिक कार्यों के लिए बार-बार चंडीगढ़ आने की आवश्यकता नहीं है। जहां संभव हो, वहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वर्चुअल मीटिंग के जरिए काम निपटाने को प्राथमिकता दी जाए। सरकार का मानना है कि इससे समय, ईंधन और सरकारी संसाधनों तीनों की बचत होगी।
मंत्री ने इस कार्रवाई को प्रधानमंत्री Narendra Modi के ईंधन संरक्षण अभियान और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पारदर्शी प्रशासन नीति से जोड़ते हुए कहा कि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ उपयोग सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार के इस फैसले के बाद अब अन्य मंत्रालयों और विभागों में भी अतिरिक्त सरकारी गाड़ियों की समीक्षा और कटौती को लेकर हलचल तेज हो गई है।